How to file an RTI (Right to Information Act) application

The RTI Act 2005 is an improved version of the Freedom of Information Act 2002. The Act enables any Indian citizen to obtain the necessary information from the office or department of a state or central government.

Procedure for filing RTI application

The Right to Information Act 2005 mandates timely response to citizens’ requests for information.

How to file an RTI application

The RTI Act 2005 is an improved version of the Freedom of Information Act 2002. The Act enables any Indian citizen to obtain the necessary information from the office or department of a state or central government.

The RTI Act states that the government will timely respond to a citizen’s request for any such information. RTI can be seen as one of the most powerful legislation in India which empowers citizens to question any public authority and their activities. Whether it is concerned about poor maintenance of roads or problems in water connections or processing of sanitation or pension, the RTI Act enables people to search for any information in the public domain. The RTI Act assures transparency in the functioning of every government department or office and accountability of the work of every public authority. RTI can be filed in two ways.

Offline method of filing RTI

The department in which you want to file an RTI petition first identify whether it comes under the purview of the local authority, state or central government.

The application can be written in Hindi, English or local language. We can also request the Public Information Officer to write the application.

We have to address the application to the Public Information Officer of the concerned state or central government office. In the subject line, “Regarding seeking information under the RTI Act – 2005” is to be written.

Mention the information you want, in the form of a detailed and specific question. Request to provide information citing the year or period. If any document or part of it is needed, write that also. This will be done at a nominal fee of Rs 2 per page.

With the application, pay Rs 10 in cash or through bank draft or money order or court fee stamp. People living below the poverty line are exempted from paying the fee. But for this, they will have to provide proof. In the application, mention your full name, address, contact details and email address and the name of the city and date.

The application can be sent by post or it can be handed over to the officer in person. There is a need to keep a photocopy of the application with you and also get an acknowledgment from the office.

As per RTI Act, the concerned office has to reply to the request within 30 days. Apart from this, the person making the RTI petition can also file an appeal to the Appellate Authority, who will have to file a reply within 30 days. We can also appeal to the Information Commission, the Chief Information Commissioner, and the State / Central Information Commission. We can also prepare an application with the help of the model RTI application given below.

Online method of filing RTI

Go to the RTI website and click on the “Click here for Submit Request” button. After reading the guidelines (GUIDELINES FOR USE OF RTI ONLINE PORTAL), Tick the box in front of “I have read and understood the above guidelines” and press the “Submit” button.

We will see the form to fill in the required details. Select the department and fill in your contact details.

The request may be in about 3,000 characters. We can also attach a PDF file that does not exceed 1 MB.  A fee of Rs 10 can be paid by net banking, credit, or debit card.

As soon as the payment is made, we will get an acknowledgment with the registration number. The application filed through this web portal will electronically reach the Nodal Officer of the concerned Office/ Department.  The status of the RTI can be checked by visiting the website.

Click here to watch the detailed video!

Model Application format for filing RTI: Click Here

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What to do if an RTI request is rejected?

An appeal is filed only if the citizen is not satisfied with the PIO’s response or the PIO rejects the citizen’s request for information.

This means that the RTI request is the application process while the RTI appeal is the appellate process against the decision on the RTI application.

RTI appeals can be filed both offline and online. This appeal is sent to the First Appellate Officer of the department or office. The officer’s name is mentioned with the reply of the office RTI.

The answer has to be given within 30 days.

आरटीआई आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया

आरटीआई अधिनियम 2005 सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम 2002 का एक उन्नत संस्करण है। यह अधिनियम किसी भी भारतीय नागरिक को किसी राज्य या केंद्र सरकार के कार्यालय या विभाग से आवश्यक जानकारी लेने में सक्षम बनाता है।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 शासकीय सूचना के लिए नागरिकों के अनुरोधों पर समय पर प्रतिक्रिया देने का आदेश देता है। आरटीआई आवेदन कैसे दर्ज करें।

आरटीआई अधिनियम में कहा गया है कि सरकार इस तरह की किसी भी जानकारी के लिए नागरिक के अनुरोध का समय पर जवाब देगी । आरटीआई को भारत में सबसे शक्तिशाली विधानों में से एक के रूप में देखा जा सकता है जो नागरिकों को किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण और उनकी गतिविधियों पर सवाल उठाने का अधिकार देता है।

चाहे आप अपने क्षेत्र में सड़कों के खराब रखरखाव या पानी के कनेक्शन में समस्याओं या सफाई या पेंशन के प्रसंस्करण के बारे में चिंतित हैं, आरटीआई अधिनियम आपको सार्वजनिक डोमेन में किसी भी जानकारी की तलाश करने में सक्षम बनाता है। आरटीआई अधिनियम हर सरकारी विभाग या कार्यालय के कामकाज में पारदर्शिता और प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण के काम की जवाबदेही के लिए आश्वस्त करता है। आर टी आई दो तरीकों से दाखिल की जा सकती है। 

आरटीआई दाखिल करने का ऑफलाइन तरीका

आप जिस विभाग में आरटीआई याचिका दायर करना चाहते हैं पहले उसकी पहचान करें कि वह स्थानीय प्राधिकरण, राज्य या केंद्र सरकार के दायरे में आता है या नहीं ।

आवेदन को हिंदी, अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में लिख सकते हैं । आप आवेदन लिखने के लिए लोक सूचना अधिकारी से भी अनुरोध कर सकते हैं।

संबंधित राज्य या केंद्रीय सरकार के कार्यालय के लोक सूचना अधिकारी को आवेदन को संबोधित करें। विषय पंक्ति में “आरटीआई अधिनियम – 2005 के तहत जानकारी चाहने बाबत” लिखें ।

जो जानकारी चाहिए, विस्तृत और विशिष्ट प्रश्न के रूप में, उसका उल्लेख करें। वर्ष या अवधि का उल्लेख करते हुए जानकारी देने का  अनुरोध करें। यदि कोई दस्तावेज या इसके अंश की जरुरत तो वह भी लिखें । यह 2 रुपये प्रति पेज के मामूली शुल्क पर किया जाएगा।

आवेदन के साथ, नकद में या बैंक ड्राफ्ट या मनी ऑर्डर या कोर्ट फीस स्टैम्प के माध्यम से  10 रु का भुगतान करें।  गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को शुल्क का भुगतान करने से छूट दी जाती है। लेकिन इसके लिए उनको इसका सबूत देना होगा। 

आवेदन में अपना पूरा नाम, पता, संपर्क विवरण और ईमेल पता और शहर और तिथि का नाम उल्लेख करें।

आवेदन को डाक से भेज सकते हैं या कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से सौंप सकते हैं। आवेदन की एक फोटोकॉपी अपने पास रखने की आवश्यकता है और कार्यालय से एक पावती भी प्राप्त करें।

आरटीआई अधिनियम के अनुसार, संबंधित कार्यालय को अनुरोध का जवाब 30 दिनों के भीतर देना होगा। इसके अलावा, आरटीआई याचिका करने वाला व्यक्ति, अपीलीय प्राधिकरण ’में भी अपील दायर कर सकता है, जिसे 30 दिनों के भीतर जवाब देना होगा। आप सूचना आयोग, मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य / केंद्रीय सूचना आयोग में भी अपील कर सकते हैं। आप नीचे दिए हुए मॉडल आर टी आई आवेदन की भी सहायता से आपने आवेदन तैयार कर सकते हैं। 

आरटीआई दाखिल करने का ऑनलाइन तरीका

आरटीआई वेबसाइट  पर जाएं और “Click here for Submit Request “बटन पर क्लिक करें। वहां पर अंग्रेजी में दिए हुए दिशा निर्देशों (GUIDELINES FOR USE OF RTI ONLINE PORTAL ) को पढ़ कर आखिर में सबसे नीचे I have read and understood the above guidelines. (उपरोक्त दिशानिर्देशों को  मैंने पढ़ा और समझ लिया है) के सामने दिए हुए बॉक्स को टिक करके Submit बटन दबाएं

आपको आवश्यक विवरण भरने के लिए फ़ॉर्म दिखाई देगा। विभाग का चयन करें। अपने संपर्क विवरण भरें।

आप लगभग 3,000 वर्णों में अनुरोध कर सकते हैं। आप एक पीडीएफ फाइल भी संलग्न कर सकते हैं जो 1 एमबी से अधिक नहीं है।

10 रूपए के शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से करें ।

भुगतान होते ही आपको पंजीकरण संख्या के साथ एक पावती मिल जाएगी। इस वेब पोर्टल के माध्यम से दायर किया गया आवेदन इलेक्ट्रॉनिक रूप से संबंधित मंत्रालय / विभाग के नोडल अधिकारी तक पहुंच जाएगा।

अनुरोध की स्थिति की जांच करने के लिए आप आरटीआई पृष्ठ पर जा सकते हैं।

विस्तृत वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें!

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यदि आरटीआई अनुरोध अस्वीकार कर दिया जाता है तो क्या करें?

अपील केवल तभी दायर की जाती है जब नागरिक पीआईओ के जवाब से संतुष्ट नहीं होता है या पीआईओ सूचना के लिए नागरिक के अनुरोध को अस्वीकार करता है।

इसका मतलब यह है कि आरटीआई अनुरोध आवेदन प्रक्रिया है जबकि आरटीआई अपील आरटीआई आवेदन पर निर्णय के खिलाफ अपीलीय प्रक्रिया है।

आर टी आई अपील ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से दायर की जा सकती है। यह अपील विभाग या कार्यालय के फर्स्ट अपीलीय अधिकारी को भेजी जाती है।  इस अधिकारी का नाम वह कार्यालय आर टी आई के जबाब के साथ ही बताता है।  

इसका जबाब भी 30 दिन का अंदर – अंदर देना होता है।